
मेरे संगीत के सुरीले सफ़र के हमसफ़र मित्रों,
आप का यह नया वर्ष २००९ और सुरीला हो. विविध रंगों और रागों की सरगम आपके सुबहों , दिनों , शामों और रातों को जगमगाये रखे, यही शुभकामना.
आपसे भी ये गुज़ारिश , प्रार्थना कि आपके प्रेम और स्नेह की फ़ुआरें मुझ पर करम फ़रमायें और इसी तरह आपके लिये लिखने की प्रेरणा मिलती रहे,सृजनात्मक और रचनात्मक लेखन एवं मेलोडी भरे चिट्ठे लिखने के लिये समय निकाल सकूं ,इसके आशिर्वाद की प्रार्थना.
रफ़ी साहब की अगली कडी़ में रफ़ी और नौशाद पर अगली कडी़ आजकल में ही पायेंगे..
और हां, एक अच्छी और सुखद खबर. अपनी श्रोता बिरादरी का जाजम फिर बिछ गया है, कृपया पधारें..लुत्फ़ उठायें..
